भारत में पापियों ने जो दुष्कर्म किये हैं .उनकी निंदा विश्व भर में हो रही हैं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के सेक्रेटरी ने इसे भारत के लिए 'राष्ट्रीय शर्म' कहा है यह कृत्य राष्रीय शर्म की बात है हमारे देश के लिए बलात्कार एक’ राष्रीय समस्या’ बन चुका है
भारत के लोग स्त्री को देवी मानते हैं 'नवदुर्गा 'के समय नौ देवियों की पूजा करते हैं किन्तु वास्तविक रूप में उन्हें केवल उपभोग की वस्तु मानते हैं पुरुषों का यह दोगलापन अब जग जाहिर हो चूका है
बलात्कार की घटनाएं सेकड़ों वर्षों से होती आरही हैं आजाद भारत में ये घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं
जबसे भारत आजाद हुआ अनेक सरकार आई और गयीं परन्तुं किसी भी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई बड़ा कानून नहीं बनाया .इंदिरा गाँधी भी सत्रह साल प्रधानमंत्री रहीं परन्तु महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया
पुलिस ,प्रशासन ,उच्च अधिकारी,नेता सभी इन घटनाओं को हलके में लेते रहे, अब जब पानी सर से ऊपर चला गया ,एक नवयुवती का जीवन नष्ट हो गया तब इनकी नींद खुली है वे शायद इस घटना का ही इंतज़ार कर रहे थे
शराबबंदी होना चाहिए क्योंकि शराब अपने होश में नहीं रहता ,जानवरों जैसी हरकतें करने लगता है परन्तु सरकार को इससे करोडो का लाभ होता है अतः भले ही समाज बर्बाद हो जाये इसे रोक नहीं सकती .फिल्में गंदे,अश्लील गानों का प्रदर्शन करती रहती हैं .हीरोइनें अधनंगे होकर नाचती रहती हैं इसका असर नवयुवकों पर पड़ता है वे महिलाओं की कोई इज्ज़त नहीं करते .उनके साथ बुरा व्यवहार करते हैं .महिलाएं पढ़ लिख कर उछ पदों पर पहुँच चुकी हैं परन्तु पुरुषों की मानसिकता नहीं बदली है वे उन्हें हमेशा कण्ट्रोल में रखना चाहते हैं .बसवालों ,ड्राईवरों,कंडक्टरों ,ऑटोवाले,मिनीबस वालों की उद्दंडता तो चरम सीमा पर है .ये बसों में गन्दी गलियां देते हैं ,महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं .इनकी माँ-बहिन की गलियों से महिलाएं अपमानित होती हैं . सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान निषेध कानून बन चूका है 200रुपये जुर्माना भी है लेकिन हमारा पुरुषवर्ग ,यंहां तक कि पुलिसवाले भी हर जगह धुम्रपान करते नजर आते हैं .रक्षक ही भक्षक है जिनके ऊपर कानून पालन करने की जिम्मेदारी है वे ही कानूनों का उलंघन करते हैं थानों में भी बलात्कार होते हैं
कुछ सुझाव महिला महासंघ की और से इस प्रकार हैं
• पुलिस बल में आधी संख्या महिलाओं की हो
• पुलिस को ट्रेनिंग दी जाये की महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार करना है
• नेता अपना हस्तछेप बंद करें ,पुलिसे को स्वतंत्रता से कार्य करने दें
• पूरे देश में शराब बंदी हो ,शराब की दुकाने बंद की जायें
• अश्लीलता बढ़ने वाली फिल्मों और भद्दे गानों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जाये व् कड़ी कार्यवाही की जाये
• जो पुलिसवाले गुंडों,बदमाशों ,माफ़िओं से सम्बन्ध रखते हैं उन्हें बर्खास्त किया जाये
• महिलाएं अपने बेटों को अच्छे संस्कार दें , और उन्हें महिलाओं का सन्मान करना सिखाएं
• पिता अपने पुत्रों की हर बात की निगरानी रखे की वो कहाँ जाते है और क्या करते हैं
• नेता ,मंत्री अपने आचरण को सुधारें व् महिलाओं का सन्मान करें .किसी अपराधी को चुनाव में टिकिट न दें
• हर विभाग में आधी संख्या महिलाओं की हो
• महिला आरक्षण बिल तुरंत पास किया जाये,महिलाओं की सुरक्षा हेतु कठोर कानून बनाये जायें और उन्हें गंभीरता से लागू किया जाये
अनुपमा श्रीवास्तव(अनुश्री ), महिला महासंघ
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